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Free Sanitary Pad Scheme : 12 लाख छात्राओं को बड़ी राहत, हेमंत सरकार की तैयारी तेज

By
Sourav Kumar —
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सरकारी स्कूलों में मुफ्त सेनेटरी पैड देने की दिशा में बढ़े कदम

झारखंड में पढ़ने वाली लाखों स्कूली छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बच्चियों को मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। अनुमान है कि इस पहल से करीब 12 से 13 लाख छात्राओं को सीधा लाभ मिल सकता है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने बजट, खरीद और वितरण व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।

यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो यह कार्यक्रम अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा सकता है।Free Sanitary Pad Scheme


विभागों के बीच तेज हुई चर्चा

योजना को धरातल पर उतारने के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और वित्त विभाग के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई है। इनमें सेनेटरी पैड की गुणवत्ता, सप्लाई सिस्टम, स्टोरेज और नियमित वितरण जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार किया जा रहा है।

सरकार इस योजना को मजबूत और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है ताकि छात्राओं को समय पर और सम्मानजनक तरीके से सुविधा मिल सके।


यूनिसेफ से सहयोग की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, सरकार अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ से भी सहयोग लेने पर विचार कर रही है। यूनिसेफ पहले से माहवारी स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रम चलाता रहा है। ऐसे में उसके अनुभव का फायदा झारखंड में योजना लागू करने में मिल सकता है।

इसके अलावा, दूसरे राज्यों में जहां यह व्यवस्था पहले से लागू है, वहां के मॉडल का भी अध्ययन किया जा रहा है।

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किन छात्राओं को मिलेगा लाभ

प्रस्ताव के अनुसार कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक की छात्राओं को हर महीने लगभग 5 से 6 सेनेटरी पैड दिए जा सकते हैं। इससे किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी और स्कूल आने में झिझक कम होगी।

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अभी क्या है व्यवस्था

फिलहाल राज्य के ज्यादातर सरकारी स्कूलों में ऐसी कोई व्यापक योजना लागू नहीं है। केवल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को यह सुविधा मिलती है। बाकी स्कूलों की बच्चियां अभी तक नियमित वितरण से वंचित हैं।

नई योजना लागू होने के बाद यह दायरा पूरे राज्य में फैल सकता है।

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सुप्रीम कोर्ट का निर्देश बना आधार

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे छात्राओं को मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही तीन महीने के भीतर प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है।

इसी आदेश के बाद राज्य सरकारों ने इस दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।


इस पहल से क्या बदलेगा

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह योजना कई स्तर पर सकारात्मक असर डालेगी:

  • किशोरियों की सेहत में सुधार होगा

  • संक्रमण का खतरा घटेगा

  • पीरियड्स के दौरान स्कूल से अनुपस्थिति कम होगी

  • ड्रॉपआउट रेट घटाने में मदद मिलेगी

  • आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी

इसके साथ ही मासिक धर्म को लेकर जागरूकता और खुलापन भी बढ़ेगा।


सरकार की मंशा क्या बताती है

सरकार इस योजना को केवल एक वितरण कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े बड़े सुधार के रूप में देख रही है। अगर यह पहल सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में इसका असर स्कूल उपस्थिति और परीक्षा परिणामों पर भी दिखाई दे सकता है।


Disclaimer

यह लेख सरकारी चर्चाओं, विभागीय सूत्रों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। योजना की अंतिम रूपरेखा और लागू होने की तिथि में बदलाव संभव है। यह सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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Sourav Kumar

Sourav Kumar is a news writer and digital publisher at Jharkhand News Alert, covering the latest updates on Jharkhand news, national events, and important public developments. He focuses on delivering accurate, fast, and easy-to-understand news for everyday readers.

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