जमशेदपुर बंद शांतिपूर्ण रहा – सरकार ने दोहराई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
जमशेदपुर: शहर में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को एनडीए के आह्वान पर आयोजित जमशेदपुर बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। बंद के दौरान भाजपा समेत एनडीए के विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क पर उतरे और बाजार बंद कराने की अपील की। पूरे दिन पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय रहा और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
राज्य सरकार ने इस दौरान स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर के अधिकांश बाजार बंद, कारोबार पर पड़ा असर
बंद का असर शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में साफ दिखाई दिया। साकची, बिष्टुपुर, सोनारी, कदमा, मानगो, उलीडीह, बिरसानगर, बारीडीह, टेल्को, गोविंदपुर, बागबेड़ा और परसुडीह सहित कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं। सामान्य दिनों में जहां बाजारों में लोगों की भीड़ रहती है, वहां शुक्रवार को अधिकांश स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहा।
व्यापारिक संगठनों के अनुमान के अनुसार, बंद के कारण शहर में लगभग 90 से 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
दैनिक जीवन भी रहा प्रभावित
बंद का असर केवल बाजारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम जनजीवन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला। कई पेट्रोल पंप बंद रहे, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित रहा।
निजी स्कूलों ने एहतियात के तौर पर कक्षाएं बंद रखीं, जबकि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी बंद का असर पड़ा।
अस्पतालों में भी कम पहुंचे मरीज
बंद के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर भी आंशिक असर देखने को मिला। एमजीएम अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं नियमित रूप से संचालित होती रहीं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन रहा अलर्ट
बंद के दौरान पुलिस और जिला प्रशासन ने पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
प्रशासन की निगरानी के चलते पूरे दिन बंद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और कहीं से भी किसी बड़ी कानून-व्यवस्था संबंधी घटना की सूचना नहीं मिली।
सरकार ने दोहराई ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के बाद सरकार तत्काल कार्रवाई करती है।
उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी और सरायकेला-खरसावां की एसपी को हाल ही में हटाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सरकार की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है और इससे स्पष्ट होता है कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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हिमांशु सिंह हत्याकांड में DSP CCR पर भी कार्रवाई की मांग
बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में अब डीएसपी सीसीआर मनोज ठाकुर के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच के बाद पुलिस मुख्यालय ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए गृह विभाग को पत्र भेजा है। इससे पहले मामले की जांच जमशेदपुर सिटी एसपी ने की थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई की सिफारिश की है।
बढ़ते अपराध को लेकर लोगों में चिंता
हाल के दिनों में शहर में हुई कई आपराधिक घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है। शुक्रवार का बंद भी इसी मुद्दे को लेकर आयोजित किया गया था। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि अपराध पर नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।







