Supreme Court missing children case: लापता बच्चों का डेटा नहीं दिया तो कड़े आदेश देगा सुप्रीम कोर्ट

By Bhawesh Kumar

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Supreme Court missing children case: लापता बच्चों का डेटा नहीं दिया तो कड़े आदेश देगा सुप्रीम कोर्ट

देशभर में बढ़ते लापता बच्चों के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों पर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि यदि राज्यों ने समय पर लापता बच्चों के सही और अद्यतन आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए, तो कोर्ट को कड़े आदेश जारी करने पड़ेंगे।

सुनवाई के दौरान अदालत ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर बच्चे कैसे लापता हो रहे हैं और क्या इसके पीछे कोई संगठित अपराध नेटवर्क सक्रिय है।

राज्यों को स्पष्ट निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्य सरकारें लापता बच्चों के मामलों का विस्तृत और राज्यवार डेटा कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करें। सिर्फ कुल संख्या बताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी बताना होगा कि:

  • कितने बच्चे बरामद हुए

  • कितने मामलों की जांच जारी है

  • किन मामलों में संगठित अपराध की आशंका है

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अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

उपलब्ध रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में देशभर में हर साल हजारों बच्चे लापता दर्ज किए गए।

  • 2018: 67 हजार से अधिक मामले

  • 2019: 73 हजार से ज्यादा

  • 2020: लॉकडाउन के कारण रिपोर्टिंग में गिरावट

  • 2021: 77 हजार से अधिक

  • 2022: 83 हजार से ज्यादा बच्चे लापता

हालांकि बड़ी संख्या में बच्चों को बरामद भी किया गया, लेकिन हजारों मामलों का अब तक स्पष्ट समाधान नहीं हो पाया है।

झारखंड की स्थिति भी चर्चा में

झारखंड में पिछले छह वर्षों में लगभग 3000 से अधिक बच्चों के लापता होने की सूचना सामने आई है। पुलिस का दावा है कि अधिकतर बच्चों को खोज लिया गया है, फिर भी अदालत ने कहा कि सिर्फ बरामदगी का दावा काफी नहीं, बल्कि पूरी जांच रिपोर्ट और कारणों का विश्लेषण भी जरूरी है।

केंद्र से भी मांगी गई रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या इन मामलों में कोई राष्ट्रीय स्तर का पैटर्न दिख रहा है। अदालत ने संकेत दिया कि अगर संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है, तो जांच को और व्यापक किया जाएगा।

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आगे क्या?

अगली सुनवाई में राज्यों को विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो सुप्रीम कोर्ट सख्त निर्देश जारी कर सकता है।


निष्कर्ष

लापता बच्चों का मुद्दा केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि सुरक्षा और मानवाधिकार से जुड़ा विषय है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती यह संकेत देती है कि अब इस दिशा में जवाबदेही तय होगी।


 Disclaimer

यह समाचार अदालत में हुई कार्यवाही और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश के अनुसार ही मान्य होगा।

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  • Bhawesh Kumar

    Content Editor at Sarkari Wala Job. As a Computer Science student, I combine my technical knowledge with my passion for digital content. I focus on creating accurate, easy-to-read job biographies and alerts for aspirants in Jharkhand and Bihar. My goal is to make career information accessible and professional for everyone

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