ई-रिक्शा को दूर से बंद करने वाले 7 ऐप पर सरकार की कार्रवाई, 3 चीनी ऐप भी बैन
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने साइबर सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ई-रिक्शा की बैटरियों को दूर से नियंत्रित करने में कथित रूप से इस्तेमाल हो रहे सात मोबाइल ऐप के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इन ऐप्स को तत्काल प्रभाव से हटाने (बैन) के निर्देश जारी किए हैं। प्रतिबंधित ऐप्स में तीन चीनी मूल के ऐप भी शामिल बताए गए हैं।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि ब्लूटूथ आधारित बैटरी सिस्टम वाले ई-रिक्शा को कुछ मोबाइल ऐप के जरिए दूर से बंद किया जा सकता है।
किन ऐप्स पर लगी रोक?
सरकार ने जिन ऐप्स को हटाने का निर्देश दिया है, उनमें निम्नलिखित नाम शामिल हैं—
- S-BAT-BMS
- Longjing
- FK i-Ion
- Smart BMS
- ANT BMS
- JBD BMS
- Daly BMS
सरकार का कहना है कि इन ऐप्स के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
क्या था पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हुए थे। इन वीडियो में कुछ लोग ब्लूटूथ-सक्षम लिथियम-आयन बैटरी से लैस ई-रिक्शा को लगभग 15 मीटर की दूरी से मोबाइल ऐप के रिमोट शटडाउन फीचर के जरिए चलते-चलते बंद करते हुए दिखाई दे रहे थे।
हालांकि, इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन सरकार ने साइबर सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है।
सरकार ने क्यों उठाया यह कदम?
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का मानना है कि यदि किसी वाहन को बिना चालक की अनुमति के दूर से बंद किया जा सकता है, तो इससे सड़क पर चल रहे लोगों और वाहन चालकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
ऐसे ऐप्स का गलत इस्तेमाल दुर्घटनाओं, यातायात बाधित होने या अन्य अवांछित गतिविधियों का कारण बन सकता है। इसी आशंका को देखते हुए इन्हें हटाने का निर्णय लिया गया।
आईटी सचिव ने क्या कहा?
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को विभिन्न ऐप स्टोर्स के समक्ष भी उठाएगी, ताकि प्रतिबंधित ऐप दोबारा डाउनलोड के लिए उपलब्ध न हो सकें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी अन्य ऐप का भी इसी तरह के दुरुपयोग में इस्तेमाल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ई-रिक्शा उपयोगकर्ताओं के लिए क्या मायने?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि, जिन कंपनियों की बैटरियां ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) पर काम करती हैं, उन्हें भी अपने सुरक्षा मानकों की समीक्षा करनी पड़ सकती है ताकि भविष्य में ऐसी तकनीकों का दुरुपयोग न हो।
सरकार की प्राथमिकता: सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम
केंद्र सरकार लगातार ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऐप्स पर नजर रख रही है, जिनका इस्तेमाल साइबर सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। सरकार का कहना है कि तकनीक का उपयोग लोगों की सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि सुरक्षा से समझौता करने के लिए।







