टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट को मिलेगी ग्रीन एनर्जी
जमशेदपुर: देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने अपनी उत्पादन इकाइयों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी वेलस्पन रिन्यूएबल एनर्जी के साथ Power Purchase Agreement (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत 86 मेगावाट क्षमता वाला विंड-सोलर हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा, जिससे जमशेदपुर सहित कंपनी के चार बड़े विनिर्माण संयंत्रों को हरित ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस समझौते पर शुक्रवार को मुंबई में दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। कंपनी का मानना है कि यह परियोजना ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जमशेदपुर समेत चार राज्यों के प्लांटों को मिलेगा लाभ
नई परियोजना के तहत उत्पादित बिजली की आपूर्ति जमशेदपुर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक में स्थित टाटा मोटर्स के विनिर्माण संयंत्रों को की जाएगी।
कंपनी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करना और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाना है।
हवा और सौर ऊर्जा से बनेगी 20 करोड़ यूनिट बिजली
विंड और सोलर तकनीक पर आधारित यह हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट हर वर्ष लगभग 20 करोड़ (200 मिलियन) यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगा।
इतनी बड़ी मात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग से कंपनी के कार्बन फुटप्रिंट में उल्लेखनीय कमी आएगी और औद्योगिक संचालन को अधिक हरित बनाने में मदद मिलेगी।
हर साल 1.4 लाख टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन में होगी कमी
कंपनी के अनुसार, इस परियोजना से प्रतिवर्ष 1.4 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है।
इसका सकारात्मक प्रभाव न केवल औद्योगिक संचालन पर पड़ेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ वायु को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर के लिए यह पहल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
2030 तक 100 प्रतिशत रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य
टाटा मोटर्स ने अपनी दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति के तहत वर्ष 2030 तक सभी उत्पादन इकाइयों को 100 प्रतिशत रिन्यूएबल एनर्जी पर संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
वेलस्पन रिन्यूएबल एनर्जी के साथ हुआ यह समझौता उसी दिशा में उठाया गया एक अहम कदम माना जा रहा है। कंपनी का कहना है कि आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी का उपयोग लगातार बढ़ाया जाएगा।
टाटा मोटर्स ने क्या कहा?
टाटा मोटर्स के वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) विशाल बादशाह ने कहा कि कंपनी का फोकस टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण प्रणाली विकसित करने पर है।
उन्होंने कहा कि इस नई परियोजना के माध्यम से जमशेदपुर सहित कंपनी के प्रमुख प्लांटों को स्वच्छ, सुरक्षित और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध होगी। साथ ही इससे कंपनी के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
वेलस्पन रिन्यूएबल एनर्जी ने बताया उद्योगों के लिए नया मॉडल
वेलस्पन रिन्यूएबल एनर्जी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कपिल माहेश्वरी ने कहा कि यह समझौता केवल एक व्यावसायिक साझेदारी नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की परियोजनाएं भविष्य में अन्य उद्योगों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल साबित हो सकती हैं और देश में हरित औद्योगिक विकास को गति देंगी।
ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में बड़ा कदम
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, विंड-सोलर हाइब्रिड परियोजनाएं उद्योगों को स्थिर और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा लागत में भी संतुलन बनाने में मदद मिलती है।
टाटा मोटर्स की यह पहल कंपनी की ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट की रणनीति को और मजबूत करेगी।







