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Islamabad Bomb Blast : मस्जिद के गेट पर रोका गया आत्मघाती हमलावर, खुद को उड़ाया; 50 की मौत

By
Sourav Kumar —
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इस्लामाबाद में शिया मस्जिद पर आत्मघाती हमला, सुरक्षा गार्डों की सतर्कता के बावजूद बड़ा नुकसान

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को उस वक्त भीषण त्रासदी हुई, जब एक आत्मघाती हमलावर ने शिया समुदाय की मस्जिद के बाहर खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। इस हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई, जबकि 150 से अधिक श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। यह धमाका जुमे की नमाज के दौरान हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमलावर को मस्जिद के भीतर घुसने से पहले ही सुरक्षा गार्डों ने रोक लिया था। खुद को घिरता देख हमलावर ने गेट पर ही विस्फोट कर दिया, जिससे मस्जिद परिसर और आसपास मौजूद लोगों को भारी नुकसान पहुंचा।Islamabad Bomb Blast


कहां हुआ हमला

यह हमला इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित खदीजा तुल कुबरा इमामबाड़ा में हुआ। यह शिया मुस्लिम समुदाय की प्रमुख मस्जिदों में से एक है, जहां जुमे की नमाज के समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

पुलिस का कहना है कि यदि हमलावर मस्जिद के अंदर पहुंच जाता, तो मृतकों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती थी। सुरक्षा गार्डों की सतर्कता ने एक और बड़े नरसंहार को रोक दिया, लेकिन गेट पर हुआ धमाका भी बेहद विनाशकारी साबित हुआ।


गार्डों ने कैसे रोका हमलावर को

दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावर संदिग्ध गतिविधियों के चलते गेट पर ही पकड़ में आ गया था। जैसे ही गार्डों ने उसे रोका और तलाशी की कोशिश की, उसने अपने शरीर से बंधे विस्फोटक में विस्फोट कर दिया।

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद के अंदर कालीनों पर खून बिखर गया और शीशे टूटकर चारों ओर फैल गए।


घटनास्थल पर भयावह मंजर

घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में मस्जिद के अंदर खून से सने शव, टूटे शीशे और मलबा दिखाई दिया। कई घायल श्रद्धालु मस्जिद के बगीचे में दर्द से कराहते नजर आए, जबकि अन्य लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे।

घायलों को राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।


मीडिया रिपोर्टिंग पर उठे सवाल

पाकिस्तान के कुछ स्थानीय पत्रकारों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि राष्ट्रीय मीडिया इस हमले को पर्याप्त कवरेज नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि कई टीवी चैनल घटना के समय भी मनोरंजन कार्यक्रम और खेल प्रसारण दिखाते रहे।

वरिष्ठ पत्रकार इहतिशाम उल हक ने इसे “शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि राजधानी में खून-खराबा हो रहा है और चैनल बसंत उत्सव और क्रिकेट कमेंट्री दिखा रहे हैं।

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सरकार और नेताओं की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने इस हमले को आतंकी कृत्य बताया और कहा कि इस तरह की घटनाएं देश के हौसले को नहीं तोड़ सकतीं। उन्होंने लोगों से शांति और एकजुटता बनाए रखने की अपील की।

पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मस्जिद में नमाज पढ़ रहे लोगों को निशाना बनाना “इंसानियत और धर्म दोनों पर हमला” है।

हालांकि इस्लामाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि अभी विस्फोट की प्रकृति को लेकर पूरी जांच जारी है। इस हमले में इस्लामाबाद के आईजी के एक करीबी रिश्तेदार की भी मौत की पुष्टि हुई है।


शिया समुदाय पर बढ़ते हमले

इस्लामाबाद में इस तरह के हमले दुर्लभ माने जाते हैं, क्योंकि यहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहती है। लेकिन पाकिस्तान में हाल के वर्षों में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है।

शिया मुसलमान, जो देश की आबादी में अल्पसंख्यक हैं, पहले भी कई बार सांप्रदायिक हिंसा का निशाना बन चुके हैं। अब तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन पहले भी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे आतंकी समूह शिया समुदाय को निशाना बनाते रहे हैं।


Disclaimer

यह लेख अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स, समाचार एजेंसियों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। मृतकों और घायलों की संख्या जांच और इलाज के दौरान बदल सकती है। यह सामग्री केवल सूचना और जनहित के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

Sourav Kumar

Sourav Kumar is a news writer and digital publisher at Jharkhand News Alert, covering the latest updates on Jharkhand news, national events, and important public developments. He focuses on delivering accurate, fast, and easy-to-understand news for everyday readers.

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