Saranda IED Tragedy : विस्फोट के बाद इलाज नहीं मिला, दो ग्रामीणों की मौत

By Akshat Mishra

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 सारंडा जंगल में धमाका, मदद पहुंचने से पहले चली गई जान-Saranda IED Tragedy

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल से दुखद खबर सामने आई है। यहां संदिग्ध आईईडी विस्फोट में घायल हुए दो ग्रामीणों की समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि धमाके के बाद उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में काफी देरी हुई, जिससे हालात बिगड़ते चले गए।

यह इलाका पहले से ही नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में विस्फोट की खबर मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं।


कैसे हुआ हादसा

स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रामीण रोजमर्रा के काम से जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान जमीन में दबे विस्फोटक की चपेट में आ गए। धमाका होते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे।

घायलों को किसी तरह बाहर निकाला गया, लेकिन दूरदराज का इलाका होने की वजह से तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी।


इलाज में देरी बनी जानलेवा

परिजनों का आरोप है कि अगर समय पर एंबुलेंस या प्राथमिक उपचार मिल जाता, तो शायद दोनों की जान बचाई जा सकती थी। सड़क और संचार की सीमित व्यवस्था के कारण मदद पहुंचने में देर हुई।

इस घटना ने एक बार फिर दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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इलाके में बढ़ी सुरक्षा

धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और विस्फोटक तो नहीं लगाए गए हैं।

ग्रामीणों को सतर्क रहने और संदिग्ध वस्तु दिखने पर तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।


ग्रामीणों में डर का माहौल

घटना के बाद से आसपास के गांवों में दहशत है। लोग जंगल जाने से डर रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि और भी जगहों पर आईईडी छिपे हो सकते हैं। कई परिवारों ने बच्चों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।


पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

सारंडा और आसपास के इलाके पहले भी इस तरह की घटनाओं का सामना कर चुके हैं। सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाते रहे हैं, लेकिन घने जंगल और दुर्गम रास्तों के कारण खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।


प्रशासन से उठी मांग

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इलाके में सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जाए। आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचे, इसके लिए स्थायी व्यवस्था की जरूरत बताई जा रही है।


Disclaimer

यह खबर स्थानीय स्रोतों और प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद विवरण में बदलाव संभव है। यह सामग्री केवल सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।

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