Mango Civic Poll Buzz: जमशेदपुर में दिग्गज नेताओं की पत्नियों के बीच दिलचस्प मुकाबला

By Bhawesh Kumar

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Mango Civic Poll Buzz: मेयर की कुर्सी पर परिवारों की प्रतिष्ठा दांव पर, चुनाव बना सियासी शक्ति प्रदर्शन

जमशेदपुर के Mango Municipal Corporation चुनाव इस बार सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहे। मेयर पद की दौड़ अब बड़े राजनीतिक परिवारों की प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल गई है। दिग्गज नेताओं की पत्नियों के मैदान में उतरने से मुकाबला बेहद रोचक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।

मतदाताओं के बीच चर्चा विकास कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक विरासत, पहचान और व्यक्तिगत साख को लेकर भी हो रही है।

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कांग्रेस और भाजपा समर्थित उम्मीदवार आमने-सामने

पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं। वे अपने पति के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों और अनुभव के आधार पर समर्थन मांग रही हैं।

दूसरी ओर, पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव की पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव भी पूरी ताकत के साथ प्रचार में जुटी हैं।

मुकाबले को और दिलचस्प बना रही हैं भाजपा ट्रेड सेल के प्रदेश संयोजक नीरज सिंह की पत्नी संध्या सिंह, जो एनडीए समर्थित उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं। वे राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दे को लेकर पदयात्रा और डोर-टू-डोर कैंपेन कर रही हैं।


पहली बार आमने-सामने बड़े राजनीतिक परिवार

मांगो की राजनीति में यह पहला मौका है जब प्रमुख राजनीतिक घरानों के सदस्य सीधे एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इस कारण यह चुनाव केवल स्थानीय प्रशासन का नहीं, बल्कि प्रभाव और जनसमर्थन की परीक्षा बन गया है।

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बगावत का तड़का: जेबा खान की एंट्री

चुनाव को और पेचीदा बना रही हैं शाइस्ता परवीन उर्फ जेबा खान, जो कांग्रेस नेता फिरोज खान की पत्नी हैं। पार्टी से निलंबन के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरकर चुनावी समीकरण बदल दिए हैं।

जेबा खान का कहना है कि उनका निलंबन अन्यायपूर्ण था और यह चुनाव पार्टी बनाम पार्टी नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की लड़ाई है। वे मतदाताओं से अपील कर रही हैं कि वे झंडे और बैनर से ऊपर उठकर स्थानीय हितों को प्राथमिकता दें।


क्या कहता है सियासी माहौल?

मांगो क्षेत्र में इस बार चुनावी चर्चा विकास, जल-निकासी, सड़क और सफाई जैसे मुद्दों से आगे बढ़कर राजनीतिक पहचान और शक्ति संतुलन पर केंद्रित हो गई है।

अब देखना यह होगा कि मतदाता विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हैं या राजनीतिक विरासत को।

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Disclaimer

यह खबर चुनावी गतिविधियों और उम्मीदवारों के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। अंतिम निर्णय मतदाताओं के जनादेश पर निर्भर करेगा।

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  • Bhawesh Kumar

    Content Editor at Sarkari Wala Job. As a Computer Science student, I combine my technical knowledge with my passion for digital content. I focus on creating accurate, easy-to-read job biographies and alerts for aspirants in Jharkhand and Bihar. My goal is to make career information accessible and professional for everyone

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