Nationwide Strike Impact: जमशेदपुर में बैंक-बीमा सेवाएं ठप, श्रम संहिताओं के खिलाफ जोरदार विरोध

By Bhawesh Kumar

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Nationwide Strike Impact: नए लेबर कोड पर ट्रेड यूनियनों का हमला, बिष्टुपुर में गेट जाम कर प्रदर्शन

केंद्र सरकार की चार नई श्रम संहिताओं (Labour Codes) के विरोध में गुरुवार को हुए देशव्यापी बंद का असर जमशेदपुर में साफ दिखा। शहर के लगभग सभी प्रमुख बैंक और बीमा कार्यालय पूरे दिन बंद रहे, जिससे आम लोगों के लेन-देन और बीमा कार्य प्रभावित हुए। सुबह 10 बजे से बिष्टुपुर स्थित एक प्रमुख बैंक शाखा के मुख्य द्वार पर ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर कर्मचारियों और ग्राहकों के प्रवेश को रोक दिया।

एलआईसी और उससे जुड़ी इकाइयों के कर्मचारियों ने भी हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया। दिनभर बैंकिंग और बीमा सेवाएं ठप रहने से उपभोक्ताओं को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।

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“मजदूर विरोधी नीतियों” का आरोप

ट्रेड यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिना व्यापक परामर्श के “कॉरपोरेट-समर्थक” और “मजदूर विरोधी” नीतियां लागू कर रही है। झारखंड सीटू के महासचिव विश्वजीत देव ने कहा कि लेबर कोड के खिलाफ देशभर में लंबे समय से विरोध चल रहा है। उन्होंने 9 जुलाई 2025 की हड़ताल का जिक्र करते हुए दावा किया कि तब करोड़ों मजदूरों ने हिस्सा लिया था।

यूनियनों का कहना है कि नई श्रम संहिताएं ट्रेड यूनियनों को कमजोर करेंगी, हड़ताल के अधिकार को सीमित करेंगी और बड़ी संख्या में कारखानों को सख्त श्रम कानूनों के दायरे से बाहर कर देंगी।


लेबर कोड पर मुख्य आपत्तियां

यूनियन नेताओं के मुताबिक:

  • वेतन की नई परिभाषा से कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं

  • यूनियन गठन की प्रक्रिया कठिन बनाई जा रही है

  • सामूहिक सौदेबाजी की ताकत घटेगी

  • भारतीय श्रम सम्मेलन (ILC) की बैठक बुलाए बिना कानून बनाए गए

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कोल्हान एआईटीयूसी नेता हीरा अर्काने ने “श्रम शक्ति नीति–2025” के मसौदे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे ट्रेड यूनियन की भूमिका सीमित हो सकती है।


रिक्त पद और निजीकरण पर चिंता

यूनियन प्रतिनिधि ओम प्रकाश ने आरोप लगाया कि देशभर में लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं, जबकि स्थायी नौकरियों की जगह संविदा और आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने रेलवे, बैंकिंग, बीमा, कोयला, इस्पात, डाक, दूरसंचार और ऊर्जा क्षेत्रों में निजीकरण की रफ्तार तेज होने पर चिंता जताई।

यूनियनों का दावा है कि इससे रोजगार सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर असर पड़ सकता है।

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शांतिपूर्ण रहा बंद, पर सेवाएं रहीं बाधित

जमशेदपुर में हड़ताल शांतिपूर्ण रही, लेकिन बैंक और बीमा सेवाएं पूरे दिन प्रभावित रहीं। एटीएम सेवाएं सामान्य रहीं, हालांकि शाखा-स्तरीय कार्य पूरी तरह ठप रहे।

अब नजर इस बात पर है कि सरकार और ट्रेड यूनियनों के बीच आगे की वार्ता में क्या समाधान निकलता है।


Disclaimer

यह खबर ट्रेड यूनियन नेताओं के बयानों और स्थानीय रिपोर्ट पर आधारित है। सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर जानकारी अपडेट की जा सकती है।

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  • Bhawesh Kumar

    Content Editor at Sarkari Wala Job. As a Computer Science student, I combine my technical knowledge with my passion for digital content. I focus on creating accurate, easy-to-read job biographies and alerts for aspirants in Jharkhand and Bihar. My goal is to make career information accessible and professional for everyone

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